एक हास्य कविता
एक लुगाई
बैंक मनैजर के धौरै आई
और बोल्ली
मनेजर साब मेरी हैल्प करियो
इस पांचसो डालर के नोट नै
इंडियन करैंसी मैं कन्वर्ट कर दियो
मनेजर नै पांचसो डालर का नोट
अपने हाथ म्हं पकड्या
जांच्या परखा
अर बस मनेजर की फूट पड़ी हंसी
बोल्या ताई तू कहां जा फंसी
अर क्यूं मनै फंसाण लाग री सै
यू पांचसो डालर का नोट कोनी
सैम्पू डिस्काउंट का कूपन सै
सुणते ई महिला नै मात्थे पै हाथ मारया
अर बोल्ली रै मनेजर
तेरी बात तै तो मेरा होश खोग्या
ईब बेरा पाट्या
कल रात तो मेरा रेप होग्या
--योगेन्द्र मौदगिल
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14 वर्ष पहले
