behavior="scroll" height="30">हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि सम्मेलन संयोजक एवं हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि योगेन्द्र मौदगिल का हरियाणवी धमाल, हरियाणवी कविताएं, हास्य व्यंग्य को समर्पित प्रयास ( संपर्कः o9466202099 / 09896202929 )

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मंगलवार, 27 जनवरी 2009

काम करया कर.....

छोट्टा-मोट्टा काम करया कर.
खुद नै मत बदनाम करया कर.

मन्दर की आमदण नै देख,
तों बी राम्मेराम करया कर.

लोडस्पीकर लेकै प्यारे,
नेता नै परणाम करया कर.

मिलै मुफत तो गेर गोझ म्हं,
गुड़ का काम तमाम करया कर.

खास-खास तो खास-खास सैं,
इन खास्सों नै आम करया कर.
--योगेन्द्र मौदगिल

रविवार, 25 जनवरी 2009

पीसे का..........

कुटुमकबीला पीसे का.
इब्तो हील्ला पीसे का.

उसनै मारै सै दुनिया,
वो सै ढील्ला पीसे का.

देख करोंड़ों का होग्या,
अपणा कील्ला पीसे का.

गई जो दमड़ी मरज्येगा,
वो मरघिल्ला पीसे का.

झटका ऊप्परआले का,
टूटग्या टील्ला पीसे का.
--योगेन्द्र मौदगिल

शनिवार, 27 दिसंबर 2008

उस दिन तू कहां थी...............?

एक बर की बात...

ताऊ नै एक घणा जरूरी काम तै मुम्बई जाणा पड़ग्या
ताऊ नै सैच्ची अक् हवाई जहाज मैं चाल्लू ये सोच कै हवाई अड्डे पै पहोंच टिकट ले कै हवाई जहाज पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस जहाज पै ना चढैं यू रास्तै महं क्रैश होण आला सै...
ताऊ सुणते ही वापस हो लिया पर मुंबई जाणा बी जरूरी

ताऊ नै सोच्या चाल फेर रेल मैं चाल्लैं
ये सोच कै रेल के अड्डे पै पहोंच टिकट ले कै रेल पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस रेल पै ना चढैं यू रास्तै महं पटड़ली तै उतरेगी
ताऊ सुणते ही वापस हो लिया पर मुंबई जाणा बी जरूरी

ताऊ नै सोच्या चाल फेर बस मैं चाल्लैं
ये सोच कै बस अड्डे पै पहोंच टिकट ले कै बस पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस बस पै ना चढैं यू रास्तै मैं नदी म्हं गिरेगी
ताऊ सुणते ही वापस हो लिया पर मुंबई जाणा बी जरूरी

ताऊ नै सोच्या चाल फेर रिक्शा मैं चाल्लैं
रिक्शा वाले तै बात करी
रिक्शा वाला बी हरियाणे का था त्यार होग्या जाण नै
ताऊ भाड़ा तै करकै रिक्सा पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस रिक्सा पै ना चढैं यू रास्तै महं टूटण आला सै

ताऊ सुणते ही रिक्सा तै उतर लिया
अर उस अवाज की तरफ हाथ जोड़ कै बोल्या, हे भाई तू कोण सै...? अपना परिचय दे अर न्यू बता अक् तू मनैं बार-बार मुंबई जाण तै क्यू हटावै सै...?

अवाज आई......... रै ताऊ... मैं एक आत्मा हूं.... अर तेरी शुभचिंतक........... मुबई जाण मैं तनै खतरा सै इस लिये मैं तनै बार बार चेतावनी द्यूं सूं ताकि तू बच जै.........

ताऊ बोल्या, हे आत्मा.... सारी बात ठीक सै तेरी.... पर तू मेरी शुभ चिंतक कोनी...!

आत्मा अचरज तै बोल्ली, ताऊ के कह रह्या सै...?

ताऊ बोल्या, री आत्मा, मैं बिल्कुल ठीक कह रहया सूं, क्योंकि यदि तू वास्तव मैं मेरी शुभचिंतक सै... तो न्यू बता जिस दिन मैं घोड़ी पै चढ़ रहा था उस दिन तू कहां थी....?

रविवार, 31 अगस्त 2008

ताऊ और मल्लिका शेरावत

एक बर की बात. उन दिनों ताऊ लकड़िया काट्टण जंगल म्हं जाया करता.
एक दिन धूप तेज थी. ताऊ लकड़ियां काटता काटता थकग्या. अर थकान के मारे वहीं जंगल मैं कूएं की मुंडेर पै अपणी कुल्हाड़ी धर कै पड़गया. सीली सीली बाल लगी तो ताऊ के नींद का झटका लागग्या. नींद मैं ताऊ नै ली करवट तो उसकी कुल्हाड़ी कूए म्हं जा पड़ी. छपाक की तेज आवाज सुण कै ताऊ उठग्या, देख्या, कुल्हाड़ी गिरगी... बस्स ताऊ तो जोर जोर तै रोण लागग्या.
उसकी रोवण की कसुत्ती आवाज सुण कै कूए म्हं तै जलदेवता प्रकट होए और बोल्लै रै ताऊ क्यूं रोवै सै,
ताऊ बोल्या रै जलदेवता के बताऊं मेरी आजीविका का साधन मेरी कुल्हाड़ी इस कूए म्हं पड़गी ईब मैं के करूंगा.... अर क्यूक्कर करूंगा
जल देवता बोल्या रै बस इतनी सी बात. चिन्ता ना करै. मैं इब्बे ल्याया काढ़ कै तेरी कुल्हाड़ी....
कह कर कै जलदेवता कूए म्हं गये अर एक मिनट म्हं ही एक सोने की कुलहाड़ी ले कै बाहर आए अर ताऊ तै बोल्ले लै संभाल अपनी कुल्हाड़ी रोना बंद कर कै घरां जा..
ताऊ बोल्या रै जलदेवता या सोने की कुल्हाड़ी मेरी कोनी मेरी तो लोहे की थी वाहे लेऊंगा..
जल देवता बोल्या अच्छा रै चल चिन्ता ना करै मैं हटकै ल्याया काढ़ कै तेरी कुल्हाड़ी..
कह कर कै जलदेवता कूए म्हं गये अर फिर एक मिनट म्हं ही एक चांदी की कुल्हाड़ी ले कै बाहर आए अर ताऊ तै बोल्ले लै संभाल अपनी कुल्हाड़ी रोना बंद कर कै घरां जा...
ताऊ बोल्या रै जलदेवता या चांदी की कुल्हाड़ी मेरी कोनी मेरी तो लोहे की थी वाहे लेऊंगा..
जल देवता बोल्या, अच्छा रै... चल चिन्ता ना करै मैं फेर ल्याया काढ़ कै तेरी कुल्हाड़ी..
कह कर कै जलदेवता कूए म्हं गये अर फिर एक मिनट म्हं ही वाए लोहे की कुल्हाड़ी ले कै बाहर आए अर ताऊ तै बोल्ले मैं तेरी ईमानदारी तै बहोत खुस हूं लै संभाल तीनों कुल्हाड़ी अर रोना बंद कर कै घरां जा..
ताऊ तीनों कुल्हाड़ी लेकै जलदेवता का धन्यवाद करके घरां चाल पड़या.
घरां पौंचते ही ताऊ नै ताई तै सारी कथा सुणाई तीनों कुल्हाड़ियां दिखाइ..
ताई नै सुणते ई काढ़ लिया जरमनी वाला लट्ठ बोली, नासपीट्टे... जवानी रोये...
उमर बीतगी ढंग का काम तनै एक नी करया उस कूए म्हं और पता नी के के होगा.... चाल मनै दिखा...
ताऊ जरा सा झिझक्या.
ताई बोल्ली,
तू मनै नूं बेवकूफ कोनी बणा सकै चाल तेरे साथ जंगल म्हं चालूंगी मनै दिखा कित सै वो कूआ अर कित सै तेरा जलदेवता
ताऊ की भला के चाल्लै थी बिचारा ले के ताई नै चाल पड़या...
जंगल म्हं कूए पै जाकै बता दिया अक् या सै वो कूआ...
ताई बोल्ली, जलदेवता दिखा...
ताऊ बोल्या, भीत्तर सै.. झांक ले....
ताई झांकण लाग गी. जिब जलदेवता ना दिखया ताई और झुकगी. जलदेवता फेर ना दिखया तो ताई और झुकगी. इतने मैं हवा का झोंक्का आया सर ताई कूए म्हं जा पड़ी....
ताऊ हैरान, परेसान, हलकान फेर जोर जोर तै रोण लागग्या..
जलदेवता बाहर आया अर ताऊ नै देख कै बोलया रै ताऊ ईब के होगया क्यूं रोवै सै..
ताऊ नै सारी कथा कह सुणाई अर बोल्या देवता जी ताई बिना घर कोनी चाल्लै वा तो काढ़णी ए पड़ेगी..
जलदेवता बोल्या अच्छा भाई ल्याऊं काढ़ कै..
जलदेवता नै डुबकी लगाई अर एक्के मिनट म्ह मल्लिका शेरावत नै लेकै बाहर आगे अर बोले देख ताऊ या ए सै के...
ताऊ बोल्या बिलकुल महाराज याही सै...
जलदेवता बोल्या रै ताऊ, कोई बात नी तू इस्से नै ले जा.. पर मन्नै एक बात बता दे अक् कुल्हाड़ी वाले मामले मैं तनै सोन्ने, चांदी का बी लालच कोनी करया ईब इस चमड़े की चीज नै देख कै तेरा ईमान क्यूं डगमगाग्या..
ताऊ बोल्या रै देवता, ईमान की बात कोनी..
बात न्यूं सै अक् ईब मैं इसनै नाट जात्ता तो तू अगली डुबकी मैं करीना कपूर काढ़ ल्याता मैं उसनै बी नाटता तब अगली डुबकी मैं तू असली ताई ल्याता. अर मेरे पै खुस्स होकै कहता कि मैं तेरी ईमानदारी तै बहुत खुश हूं. चल रोवै ना अर तीन्नों लेजा.
अरै जलदेवता यां एक्के ई नी संभलती..
तीनुंआ का के अचार घालता

गुरुवार, 28 अगस्त 2008

सब का ढील्ला नाड़ा सै....

खाड़ा सै भई खाड़ा सै.
बखत घणाइ माड़ा सै.

क्यूक्कर पुगैं नवाबी शोंक,
चार टके का हाड़ा सै.

उसतै के उम्मीद भला,
वो तो जिमी उघाड़ा सै.

बोल सीख के जीभ धरे,
दिल्ल म्हं भरह्या कबाड़ा सै.

छोरी खो दी फैस्सन नै,
छोरा भी लंगाड़ा सै.

भिंचे पेट महंगाई तै,
सबका ढील्ला नाड़ा सै.
--योगेन्द्र मौदगिल

सोमवार, 25 अगस्त 2008

गजल

छूटग्या इब देस राणी.
चल चलैं परदेस राणी.

क्यूं बिमारी नै बुलावै,
छोड़ आल्ला खेस राणी.

हम जमूरे-वो मदारी,
सै गजब परमेस राणी.

एक तोत्ता-एक पिंजरा,
और सौ-सौ देस राणी.

अपणों का मारा गुजरग्या,
सह ना पाया ठेस राणी.

चोर था नाम्मी-गराम्मी,
रक्खे सौ-सौ भेस राणी.

फीस म्हं थोड़ी कसर थी,
फिर बिगड़ग्या केस राणी.

बात सबकी मान 'मुदगिल',
हो गया दरवेस राणी.
--योगेन्द्र मौदगिल

रविवार, 24 अगस्त 2008

हो गये रै...

चार दाणे हो गये रै.
लोग स्याणे हो गये रै.

बाप नै बी आंख भिच्ची,
पूत काणे हो गये रै.

ईब के पिट्टेगा ताड़ी,
इब्तो न्याणे हो गये रै.

के बखत सै कल के छोरे,
देख हाणे हो गये रै.

खंजरों कै ताप चढ़ग्या,
सिर ठिकाणे हो गये रै.

चांद पै चांदी के बाल,
हम पुराणे हो गये रै.
--योगेन्द्र मौदगिल

शुक्रवार, 15 अगस्त 2008

कोई मेरा के कर्र लेगा

हरियाणा के एक गांव म्हं
हरे नीम की धनी छांव म्हं
ताऊ रस्ते म्हं जावै था
अर् अपणी मस्ती म्हं बेठ्या
मौल्लड़ एक गाणा गावै था
रै मैं तो दारू पी कै आऊंगा..
कोई मेरा के कर्र लेगा...
मैं तो सबनै आंख दिखाऊंगा..
कोई मेरा के कर्र लेगा...

ताऊ के कानों में पड़े
गाने के बोल
ताऊ का खून गया खौल
बोल्या रै
ठीक कह्वै सै बेट्टे
करण नै के कोई तेरी पूंझड़ पाड़ेगा
अक् तेरे लत्ते फाड़ेगा
अरै नौजवान
साच्ची तो या सै
अक् तू बखत तै पहल्यां होगया जवान
घूम-घूम मुश्टंड्या गेल
फैलगी तेरी जबान
हरियाणा के
तेरा तो कुछ बी कोनी
कर सकता हिंदुस्तान

ठाट तै बेच किल्ले
पी इंगलिस के पव्वे
पर्र याद रखियो बेट्टे
जिब गोड्यां की खतम होजेगी ग्रीस
तेरे मूंह पै मूतेंगें कव्वे

अरै मौल्लड़
या दारू पीणा
कुण सी शान बढ़ावै सै खानदान की..
अरै या तो नासकेत सै जहान की...
अरै बोग्गल..
तू तो इमरत समझ कै
यू जहर पीये जा--पीये जा..
अंतड़ियों नै बोच्चे-बोच्चे जीये जा..
मेरे कान्नी के दीद्दे फाड़ै से
वा देख...
फाट्टी साड़ी म्हं बेट्ठी
नो-नो आंसू रोती तेरी घरआली
गाल के बालकां की
मौज मस्ती देख झेंपते तेरे बालक
अरै अकल के अंधे
क्यूं अपणे घर खात्तर
हो रह्या सै दुरवासा का सराप
अरै झकोई
बण कै दिख्या अपणी जोरू का मरद
अर अपणे बालकां का बाप

फैंक दे इस बोत्तल सुसरी नै कूए म्हं
जुटज्या इमानदारी के साथ
मेहनत के जूए म्हं

भूल जा
भूल जा बेट्टे पाछली भूल
खुद संभाल ट्रैक्टर
अर बालकां नै भेज स्कूल
खुद संभाल ट्रैक्टर
अर बालकां नै भेज स्कूल

पर मौल्लड़ कै बात जंची कोनी
होर बी ऊंचा गाण लाग ग्या
इस खेत्ती नै निबटाऊंगां,
कोई मेरा के कर्र लेगा...
अड़ै कालोन्नी कटवाऊगा,
कोई मेरा के कर्र लेगा...
ताऊ बोल्या रै ठीक कह्वै सै मेरे लाल
जिब गीदड़ की मौत आवै
सुसरा शहर कान्नी जावै
निबट्या दे बेट्टे या खेत्ती
बेच दे इस पुरख्यां की जमीन नै
अर्र बेटा
बेचते बखत कतई मत सोचियो
ना उरै की ना परै की
ना खोट्टे की ना खरे की
ना मन्दर की ना चौपाल की
ना आंगन ना पुआल की
ना कूंए की ना घाट की
ना चूल्हे की ना खाट की
ना छत की ना रेत की
अरै बेट्टा कतई मत सोचियो
बाप बरगी हवेल्ली
अर मां बरगे खेत की

चौड़ा होकै बीज की की जगह
ईंटें दबवा दे इस खेत की कोख म्हं
तभी तो उस म्हं तै निकलेंगें
सोने बरगी गेहूं की बालियों की जगह
फुटों के गजों के हिसाब के मकान

अरे मेरे बावले नौजवान
यू ए हाल रह्या ना
तो यू पूरा देस
होजेगा कंकरीट का मसान

से गेहूं ये बाजरा ये ज्वार ये धान
सारे का सारा होजेगा
गुजरे बखत का सामान
सर इन महलां के शानदार बैडरूम के
कलफदार बिस्तरों पै
खा-खा कै ताकत की गोलियां
तू तैयार करेगा जोणसी नसल
वें के खा कै जीवेंगी ?
ईंट्टों की फसल..
बोल बेट्टे बोल के खावेंगी..
ईंट्टों की फसल अक् रेत्ते की रोटियां
बजरी का रैता अक् माट्टी के परौंठे
कंकरों की सब्जी अक् पत्थरों के कोफ्ते
क्यूं मेरे पूत
बात है के नहीं समझण की
अरै ईब बी बखत सै
बेट्टा
समझ ले..समझ ले..समझ ले..

पर मौल्लड़ क्याएं नै समझै था
होर बी चौड़ा होकै रेंक्या
रै मैं तो कूल्हों नै मटकाऊंगा,
कोई मेरा के कर्र लेगा..
सुणै के ताऊ,
मैं तो जींस पैहर कै गाऊंगा,
कोई मेरा के कर्र लेगा...
ताऊ बोल्या रै
बिल्कुल ठीक कह रह्या सै बेट्टे
कोई तेरा के कर्र लेगा
करेगा तो तेरे बाप का
जुणसा तनै इस दुनिया म्हं ल्याया
तों गांदा फिरै
अक् कोई मेरा के कर्र लेगा
ठीक बी सै
अक् तेरा के कर लेंगें
तू चाहे जींस पहर कै गा
चाहे जींस तार कै गा
फिल्मी गा चे इल्मी गा
गाम-ग्वांड की बहुऒं नै देख कै गा
चे अपणी ताई नै देख कै गा
स्कूल तै भाग्गण की खुसी म्हं गा
चे मास्टर के मरण की खुसी म्हं गा
मंदर आग्गै गा
चे दारू के ठेक्के आग्गै गा
बाब्बू के किल्ले बेच कै गा
चे हीरोहोंडा पै चूतड़ टेक कै गा
बस्स गा ले
तू तो गा ले
यें देख-देख कै सनीमे
तेरे पै यू जौणसा
गाण का भूत चढ़ रह्या सै ना
उसनै ठाकै गाए जा
कूल्हे मटका
दीदे मटका
गरदन पेट कमर मटका
छाती टांग बाजु सब मटका
जो जो मटक सकै उसनै मटका
जड़ै तै
नहीं मटक सकता
कोसिस कर
सर औड़ै तै बी मटक कै देख
ना मटक्या जावै
फेर इस ताऊ तै आकै बूझिये
अक् अड़ै तै क्यूक्कर मटकूं
अक् अड़ै तै क्यूक्कर मटकूं
अक् अड़ै तै क्यूक्कर मटकूं
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