behavior="scroll" height="30">हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि सम्मेलन संयोजक एवं हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि योगेन्द्र मौदगिल का हरियाणवी धमाल, हरियाणवी कविताएं, हास्य व्यंग्य को समर्पित प्रयास ( संपर्कः o9466202099 / 09896202929 )

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मंगलवार, 27 जनवरी 2009

काम करया कर.....

छोट्टा-मोट्टा काम करया कर.
खुद नै मत बदनाम करया कर.

मन्दर की आमदण नै देख,
तों बी राम्मेराम करया कर.

लोडस्पीकर लेकै प्यारे,
नेता नै परणाम करया कर.

मिलै मुफत तो गेर गोझ म्हं,
गुड़ का काम तमाम करया कर.

खास-खास तो खास-खास सैं,
इन खास्सों नै आम करया कर.
--योगेन्द्र मौदगिल

रविवार, 25 जनवरी 2009

पीसे का..........

कुटुमकबीला पीसे का.
इब्तो हील्ला पीसे का.

उसनै मारै सै दुनिया,
वो सै ढील्ला पीसे का.

देख करोंड़ों का होग्या,
अपणा कील्ला पीसे का.

गई जो दमड़ी मरज्येगा,
वो मरघिल्ला पीसे का.

झटका ऊप्परआले का,
टूटग्या टील्ला पीसे का.
--योगेन्द्र मौदगिल
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