behavior="scroll" height="30">हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि सम्मेलन संयोजक एवं हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि योगेन्द्र मौदगिल का हरियाणवी धमाल, हरियाणवी कविताएं, हास्य व्यंग्य को समर्पित प्रयास ( संपर्कः o9466202099 / 09896202929 )

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शनिवार, 27 दिसंबर 2008

उस दिन तू कहां थी...............?

एक बर की बात...

ताऊ नै एक घणा जरूरी काम तै मुम्बई जाणा पड़ग्या
ताऊ नै सैच्ची अक् हवाई जहाज मैं चाल्लू ये सोच कै हवाई अड्डे पै पहोंच टिकट ले कै हवाई जहाज पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस जहाज पै ना चढैं यू रास्तै महं क्रैश होण आला सै...
ताऊ सुणते ही वापस हो लिया पर मुंबई जाणा बी जरूरी

ताऊ नै सोच्या चाल फेर रेल मैं चाल्लैं
ये सोच कै रेल के अड्डे पै पहोंच टिकट ले कै रेल पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस रेल पै ना चढैं यू रास्तै महं पटड़ली तै उतरेगी
ताऊ सुणते ही वापस हो लिया पर मुंबई जाणा बी जरूरी

ताऊ नै सोच्या चाल फेर बस मैं चाल्लैं
ये सोच कै बस अड्डे पै पहोंच टिकट ले कै बस पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस बस पै ना चढैं यू रास्तै मैं नदी म्हं गिरेगी
ताऊ सुणते ही वापस हो लिया पर मुंबई जाणा बी जरूरी

ताऊ नै सोच्या चाल फेर रिक्शा मैं चाल्लैं
रिक्शा वाले तै बात करी
रिक्शा वाला बी हरियाणे का था त्यार होग्या जाण नै
ताऊ भाड़ा तै करकै रिक्सा पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस रिक्सा पै ना चढैं यू रास्तै महं टूटण आला सै

ताऊ सुणते ही रिक्सा तै उतर लिया
अर उस अवाज की तरफ हाथ जोड़ कै बोल्या, हे भाई तू कोण सै...? अपना परिचय दे अर न्यू बता अक् तू मनैं बार-बार मुंबई जाण तै क्यू हटावै सै...?

अवाज आई......... रै ताऊ... मैं एक आत्मा हूं.... अर तेरी शुभचिंतक........... मुबई जाण मैं तनै खतरा सै इस लिये मैं तनै बार बार चेतावनी द्यूं सूं ताकि तू बच जै.........

ताऊ बोल्या, हे आत्मा.... सारी बात ठीक सै तेरी.... पर तू मेरी शुभ चिंतक कोनी...!

आत्मा अचरज तै बोल्ली, ताऊ के कह रह्या सै...?

ताऊ बोल्या, री आत्मा, मैं बिल्कुल ठीक कह रहया सूं, क्योंकि यदि तू वास्तव मैं मेरी शुभचिंतक सै... तो न्यू बता जिस दिन मैं घोड़ी पै चढ़ रहा था उस दिन तू कहां थी....?

रविवार, 9 नवंबर 2008

फौज म्हं भरती होग्या ताऊ....

एक बै की बात...
माइ डीयर भाइयों अर डीयरेस्ट भाभियों

बात तब की सै जिब ताऊ जवान था उस टेम ताऊ मनोज कुमार की फिलम देख्या करता
फिलम देखता-देखता जोश म्हं आकै एक दिन्न फौज म्हं भरती होग्या
अर ट्रेनिंग पै चल्या गया

ईब भाई ट्रेनिंग आला मेजर सारा दिन ट्रेनिंग देता
ताऊ होग्या दुखी
दिमाग लड़ाया अक क्यूक्कर छुटकारा मिलै
हरियाणे का आदमी पीठ दिखा कै या मूं छिपा कै तो भाग्गै कोनी
ईब के करूं ?
ताऊ नै जितने बी देवी-देवता याद आये उनका नाम ले-ले कै तरकीब सोचणी सुरू करी
कमाल....!
कमाल का आइडिया रात नै ई आग्या....!
ताऊ सबेरे सबेरे मेजर धौरै पहोंचा अर बोल्या मेजर साब
म्हारे घरां तै फोन आया सै अक म्हारा बाप्पू चल बस्या थम हमनै उसके किरयाकरम खात्तर छुट्टी देद्यो
मेजर नै दे दी
ताऊ घरां चला गया देखते-देखते छुट्टियां बीतगी वापस फौज मैं आग्या
जी ईब बी ना लाग्गै सोच्या क्यूक्कर ल्यूं छुट्टी

हरियाणे का आदमी पीठ दिखा कै या मूं छिपा कै तो भाग्गै कोनी
ईब के करूं
ताऊ नै फेर जितने बी देवी-देवता याद आये उनका नाम ले-ले कै तरकीब सोचणी सुरू करी
कमाल
कमाल का आइडिया रात नै ई फेर आग्या
ताऊ सबेरे सबेरे मेजर धौरै पहोंचा अर बोल्या मेजर साब
म्हारे घरां तै फोन आया सै अक म्हारी मां चल बस्यी थम हमनै उसके किरयाकरम खात्तर छुट्टी देद्यो
मेजर नै दे दी
ताऊ घरां चला गया देखते-देखते छुट्टियां बीतगी वापस फौज मैं आग्या
जी ईब बी ना लाग्गै सोच्या क्यूक्कर ल्यूं छुट्टी

पर ताऊ के मान्नै था..?
ताऊ फेर सबेरे सबेरे मेजर धौरै पहोंचा अर बोल्या मेजर साब...
म्हारे घरां तै फोन आया सै अक म्हारा बापू चल बस्या थम हमनै उसके किरयाकरम खात्तर छुट्टी देद्यो
मेजर नै दे दी
ताऊ घरां चला गया देखते-देखते छुट्टियां बीतगी वापस फौज मैं आग्या
जी ईब बी ना लाग्गै सोच्या क्यूक्कर ल्यूं छुट्टी

पर कमाल.......... ताऊ के मान्नै था....?
ताऊ फेर सबेरे सबेरे मेजर धौरै पहोंचा अर बोल्या मेजर साब
म्हारे घरां तै फोन आया सै अक म्हारी मां चल बस्यी थम हमनै उसके किरयाकरम खात्तर छुट्टी देद्यो
मेजर नै दे दी ताऊ घरां चला गया

ये तरीका ताऊ नै जिब छटी-सातवीं बार दोहराया तो मेजर का माथा ठनका उसनै अपना कलर्क बुलाया अर सारी डिटेल कढ़वाई

कमाल की डिटेल ताऊ नै चार बेर बापू मार राखया अर पांच बेर मां...

मेजर नै ताऊ बुलाया अर बोल्या रै जवान मुझे तो तेरे पै बहोत यकीन था पर तू तो बहोत झूठा निकला

ताऊ बोल्या मेजर साब मैं सूं हरियाणे का झूठ नहीं बोलता आप मेरे पै गलत इल्जाम मत लगाऒ

मेजर नै डिटेल काढ़ कै उसके आग्गै धर दी अक् यू के सै ?
तू अगर झूठ नहीं बोलता तो बता यू चार बेर बापू का किरयाकरम अर पांच बेर मां का किरयाकरम क्यूक्कर कर्या

ताऊ बोल्या जी इसमैं झूठ के मैं तो असली का किरयाकरम कर कै आया

मेजर चिल्लाया रै ताऊ फेर झूठ बोल रह्या

ताऊ बोल्या रै मेजर साब चुप होजा मैं झूठ कोनी बोल रह्या ध्यान तै सुण
देख जिब पहली बार मेरा बापू मरा... मैं गया.. किरयाकरम कर कै आग्या.. मेरी मां नै दूसरा ब्याह कर लिया..
फेर मेरी मां मरगी... मैं गया.. किरयाकरम कर कै आग्या तो मेरे बापू नै दूसरा ब्याह कर लिया...
फेर मेरा वो बापू मरग्या... मैं गया किरयाकरम कर कै आग्या... तो मेरी इस मां नै दूसरा ब्याह कर लिया...
फेर मेरी या वाली मां मरगी... मैं गया.. किरयाकरम कर कै आग्या तो मेरे इस बापू नै दूसरा ब्याह कर लिया.

मेजर हाथ जोड़ कै बोल्या रै मेरे हरियाणवी बाप मान ग्या तनै
ईब तू चल्या जा भीत्तर....

ताऊ बोल्या जी... क्यूक्कर चल्या जाऊं... घरां तै फोन आया सै अक् मेरी मां मरगी छुट्टी देद्यो...
मेजर अपने बाल नोचता होया भाग खड्या होया....

अर म्हारा ताऊ खड्या खड्या सोच रहा.... अक मनै ईसा के कह दिया अक् यू मेजर न्यू ऐ भाज लिया.....
--योगेन्द्र मौदगिल

रविवार, 2 नवंबर 2008

हे राम.. ठाले मनै..

एक बै की बात...

तीन ताऊ कट्ठे होकै बीड़ी सुलगा कै खेत की मेंड पै बेट्ठे थे
तीनों के तीनों ग़मज़दा...
उदास...
चुचचाप सुट्टे मार मार कै हर फिकर नै देवानन्द की ढाल उड़ान लागरे थे..

इतने मैं सामणैं तै भूतनाथ युनिटी नै ले कै आग्या
दोनों नै यू नजारा देख कै घणा दुख होया
अक तीन-तीन ताऊ
तीनों के तीनों ग़मज़दा
उदास
चुचचाप सुट्टे मारण लागरे ना बोलरे ना बतलारे

युनिटी बोली भूतनाथ डारलिंग चाहे कुछ बी होजे
तू पूछ कै पता लगा अक यें उदास क्यूं

भूतनाथ नै सोच्ची अक यार यू तो एक ताऊ नै ई नाक म्हं दम कर राख्या था अड़ै तो तीन तीन
क्यूक्कर पूच्छूं

वो सोचण ही लागरह्या था अक युनिटी नै उसकी बांह मरोड़ दी ईब भला भूतनाथ की के हिम्मत
उन धौरै जा के बोलया
जै राम की सबनै

राम राम भाई बेठ जा अर या जो लुगाई सी लेरा है ना इसनै बी बिठ्या ले

दोनों बेठगे

भूतनाथ बोल्या मैं आप सबनै उदास देख कै अपणी डारलिंग समेत बहुत दुखी हूं कृपया अपणा दुख हम दोनो को बताइये क्यैंकि सुणा है कि दुख बताणे तै दुख हलका होजै

एक ताऊ बोल्या रै छोरे के करेगा जाण कै बणनी तो तेरे गेल बी न्यूई है
भूतनाथ बोल्या ताऊ बता दे बस इबतो
ताऊ बोल्या रै छोरे के बताऊं दरसल बात न्यू सै अक मनै ये लाग्गै अक तेरी ताई का चक्कर किसी मिस्त्री गेल चाल रहा
वो कैसे ताऊ
अरै मैं ईब जब बी घर जाऊ तै मनै कील चैब्बे हथोड़ी पड़ी मिलैं
हे राम.. ठाले मनै.. कह कै ताऊ डबल स्पीड तै सुट्टे मारण लागग्या..

भूतनाथ दूसरे ताऊ तै बोल्या ताऊ तू क्यूं उदास सै..?
दूसरा ताऊ बोल्या रै छोरे के करेगा जाण कै बणनी तो तेरे गेल बी न्यूई है
भूतनाथ बोल्या ताऊ बता दे बस इबतो
ताऊ बोल्या रै छोरे के बताऊं दरसल बात न्यू सै अक मनै ये लाग्गै अक तेरी ताई का चक्कर किसी पलम्बर गेल चाल रहा
वो कैसे ताऊ
अरै मैं ईब जब बी घर जाऊ तै मनै टोंटी पाइप पड़ी मिलैं
हे राम.. ठाले मनै.. कह कै ताऊ डबल स्पीड तै सुट्टे मारण लागग्या

भूतनाथ तीसरे ताऊ तै पूछण लाग्या ताऊ तू क्यूं उदास सै..?
तीसरा ताऊ बोल्या रै छोरे के करेगा जाण कै बणनी तो तेरे गेल बी न्यूई है
भूतनाथ बोल्या ताऊ बता दे बस इबतो
ताऊ बोल्या रै छोरे के बताऊं दरसल बात न्यू सै अक मनै ये लाग्गै अक तेरी ताई का चक्कर किसी घोड़े गेल चाल रहा
घोड़े गेल.... कमाल है... वो कैसे ताऊ..?
अरै मैं ईब जब बी घर जाऊ तै मनै घर म्हं तांगेवाला पड़ा मिलैं
हे राम.. ठाले मनै.. कह कै ताऊ डबल स्पीड तै सुट्टे मारण लागग्या

भूतनाथ तो सुणते ही युनिटी का हाथ पकड़ कै भाज लिया
--योगेन्द्र मौदगिल

गुरुवार, 23 अक्टूबर 2008

हरियाणे का ताऊ............

माइ डीयर भाइयों अर डीयरैस्ट भाभियों
वैसे तो थम नै, सब नै बेरा ही से अक हरियाणा का माणस हाजिर जवाब अर मूंह पै कहणिया होवै सै..
कई बार तो इसी बात कहदै अक सामणे वाला तो जलभुन कै रहजै
अर ताऊ अपणी बात कहकै आग्गै चाल दै..
एक बै की बात.......

भूतनाथ घूमता होया हरियाणा म्हं आग्या
एंटरी करते ही एक ढाब्बै पै रुक्या कयैंकि उसनै सुण राखया था
देसां मैं देस हरियाणा..
जित दूध दही का खाणा..
तो ढाबे आले तै बोल्या, रै ताऊ..
बहोत जोर की भूख लाग री तेरे धौरै गरम-गरम के सै..?
ताऊ बोल्या रै छोरे,
गरम-गरम तो तवा सै, यहीं खावेगा अक पैक करावेगा...
भूतनाथ की टाल्ली खड़कगी

पूछण लाग्या, अच्छा ताऊ न्यू बता दे टैम के होया..?
ताऊ बोल्या रै छोरे
टैम तो लट़ठ बजाण का हो रह्या सै
भूतनाथ की टाल्ली खड़कगी

फेर पूछण लाग्या अच्छा ताऊ न्यू बता दे समय के होया
ताऊ बोल्या रै छोरे
समय तो बहोत खराब आ रह्या सै
भूतनाथ की टाल्ली खड़कगी्

फेर पूछण लाग्या अच्छा ताऊ न्यू पूछ रह्या अक घड़ी मैं के बजा
ताऊ बोल्या रै छोरे
घड़ी म्हं बजै चे दो घड़ी म्हं पर बजेगा तो लट्ठ

भूतनाथ की टाल्ली खड़कगी समझग्या यू हरियाणे का ताऊ सै सीधा जवाब कोनी दे
यहां तै तो फूट लेने मैं ई भलाई सै

इतने मैं वहां हरियाणा रोडवेज की बस आकै रुकगी
भूतनाथ नै कंडक्टर तै पूच्छया
अक रै भाई जगह है क्या
कंडक्टर हरियाणे का बोल्या क्यूं प्लाट काटेगा के
भूतनाथ की टाल्ली खड़कगी

भूतनाथ बोल्या रै अच्छा ताऊ न्यू तो बतादे अक या बस कहां जा री सै
कंडक्टर हरियाणे का बोल्या लंदन जा री सै बोल चाल्लेगा के
भूतनाथ की टाल्ली खड़कगी

बस के आगे जा कै उसनै बोर्ड देख्या उस पै दिल्ली लिख राख्या था
फेर बी अपनी तसल्ली करण के लिये
भूतनाथ पूछण लग्या या बस दिल्ली जावेगी के
भाईसाब कंडक्टर हरियाणे का बोल्या चंडीगढ़ जावेगी
भूतनाथ बोल्या पर बाहर बोर्ड पै तो दिल्ली लिख राख्या
भाईसाब कंडक्टर हरियाणे का बोल्या रै झकोई तू बोर्ड पै बैठ के जागा या बस मैं बेठ कै
भूतनाथ की टाल्ली खड़कगी अर वापस हो लिया
--योगेन्द्र मौदगिल

सोमवार, 20 अक्टूबर 2008

एक बै की बात...

माई डीयर भाईयों अर डियरेस्ट भाभियों,
जै राम जी की....

आज मैं ताऊ की एक नई कथा आप लोगां नै बताण लाग रह्या सूं...

एक बै की बात...

ताऊ एक लांबे सफर मैं रेल मैं बेठ्या जावै था
उसनै थोड़ी नींद सी आण लागी तो सबतै ऊपरली बर्थ पै जा कै पड़ग्या

बर्थ पै जैसे ही थौड़ा सा मूधा होया तो उसका ध्यान नीचे बेट्ठे एक नवविवाहित जोड़े पै पड्गया

बस फेर के था
ताऊ की नींद छूमंतर

देखण लागग्या उन दोनों नै

वे दोनों छोरा-छोरी कबूतर-कबूतरी की ढाल किलोल कररे थे

अर ताऊ ऊप्पर पड्या ताई नै याद कर रह्या था

अचानक गाड़ी म्हं झटका सा लाग्या
छोरी बोली उई मां मरगी
छोरा एकदम बोल्या के होग्या मेरी जान कुछ मनै बी तो बता
छोरी बोली झटका लाग ग्या मेरा तो कंधा दुक्खै
छोरा बोल्या चिंता ना करै इबी ठीक कर द्यूं
सर उस छोरे नै बड़े प्यार तै अपनी लुगाई के कंधे का चुंबन लिया अर बोल्या ईब बता दर्द होरा के..?
लुगाई मुस्कुरा कै बोली ना ना इब्तो ठीक होग्या
ताऊ हैरान....

अचानक गाड़ी म्हं फेर झटका सा लाग्या
छोरी बोली उई मां मरगी
छोरा एकदम बोल्या के होग्या मेरी जान कुछ मनै बी तो बता
छोरी बोली झटका लाग ग्या मेरा तो गोड्डा दुक्खै
छोरा बोल्या चिंता ना करै इबी ठीक कर द्यूं
सर उस छोरे नै बड़े प्यार तै अपनी लुगाई के गोड्डे का चुंबन लिया अर बोल्या ईब बता दर्द होरा के..?
लुगाई मुस्कुरा कै बोली ना ना इब्तो ठीक होग्या
ताऊ हैरान....

अचानक गाड़ी म्हं फेर झटका सा लाग्या
छोरी बोली उई मां मरगी
छोरा एकदम बोल्या के होग्या मेरी जान कुछ मनै बी तो बता
छोरी बोली झटका लाग ग्या मेरा तो गाल दुक्खै
छोरा बोल्या चिंता ना करै इबी ठीक कर द्यूं
सर उस छोरे नै बड़े प्यार तै अपनी लुगाई के गाल का चुंबन लिया अर बोल्या ईब बता दर्द होरा के..?
लुगाई मुस्कुरा कै बोली ना ना इब्तो ठीक होग्या
ताऊ हैरान...

अचानक गाड़ी म्हं फेर झटका सा लाग्या
छोरी बोली उई मां मरगी
छोरा एकदम बोल्या के होग्या मेरी जान कुछ मनै बी तो बता
छोरी बोली झटका लाग ग्या मेरा तो कान दुक्खै
छोरा बोल्या चिंता ना करै इबी ठीक कर द्यूं
सर उस छोरे नै बड़े प्यार तै अपनी लुगाई के कान का चुंबन लिया अर बोल्या ईब बता दर्द होरा के..?
लुगाई मुस्कुरा कै बोली ना ना इब्तो ठीक होग्या
ताऊ हैरान.....

अचानक गाड़ी म्हं फेर झटका सा लाग्या
छोरी बोली उई मां मरगी
छोरा एकदम बोल्या के होग्या मेरी जान कुछ मनै बी तो बता
छोरी बोली झटका लाग ग्या मेरा तो बाजू दुक्खै
छोरा बोल्या चिंता ना करै इबी ठीक कर द्यूं
सर उस छोरे नै बड़े प्यार तै अपनी लुगाई के बाजू का चुंबन लिया अर बोल्या ईब बता दर्द होरा के..?
लुगाई मुस्कुरा कै बोली ना ना इब्तो ठीक होग्या
ताऊ हैरान....

पर इबकै ताऊ तै रह्या कोनी गया...
ऊप्पर पड्या-पड्या बोल्या रै छोरे......
मेरै बवासीर होरी सै उसका बी इलाज कर दे गा के......?

शनिवार, 11 अक्टूबर 2008

किस्सा ऊत का

एक बै की बात भाई
ताऊ उन दिनों गाम के स्कूल में बालकां नै पढ़ाये करै था
एक छोरा घणाइ ऊत था
ताऊ नै बहोत कोशिश करी के उसका धयान किमे पढ़ाई म्हं लागजै
पर छोरा ऊत घणाइ ऊत
एक दिन ताऊ नै पूरी कलास तै एक लैसन याद करण नै दिया अर उस छोरे तै हिंदी म्हं समझाया
अक् यू पाठ जरूर याद करकै आइये वरना तूत की बेंत बणा कै पीटूंगा
पर छोरा ऊत घणाइ ऊत
कतई नी याद करकै आया
ताऊ नै पूरी कलास तै लैसन सुण्या सबनै सुणाया छोरे के याद कोनी
बैंच पै छोरा खड़ा करकै ताऊ नै डंडा संभाला तो छोरा बोल्या
मास्टर जी मारण तै पहलम मेरी बात सुण्ल्यो
ताऊ बोलया सुणा के कहवै तू
छोरा बोल्या मास्टर जी बात न्यू सै अक मैं रात नै पूरा पाठ याद करकै निश्चिन्त होकै सोया था
रात नै मेरे सपने मैं आपके पिता जी आगे अर मेरे तै बोल्ले
बेटा तू याद करण की टैंशन कोनी लेवै यू मास्टर ताऊ सै मेरा छोरा मैं इसनै कह दयूंगा जू तेरी पिटाई कोनी करेगा
अगर करन लगै तो तू मेरा नाम ले दियो अ सपना सुणा दियो
ताऊ नै सोची छोरा ऊत घणी कसूती बात काढ़ ल्याया पिता जी का नाम आग्या ईब तो छोड़ना ई पड़ेगा
अर ताऊ नै छोरे तै कुछ नी कहया बिठ्या दिया
हफ्ते पीछे ताऊ नै फेर लैसन दे दिया याद करण नै उसी वारनिंग के साथ
सारी क्लास याद कर ल्यायी
पर छोरा ऊत घणाइ ऊत कोनी कर कै ल्याया
ताऊ नै बूझी अक् रै याद क्यूं नी करया
तो छोरा बोल्या के करूं मास्टर जी रात नै मेरे सपने मैं आपके पिता जी फेर आगे अर मेरे तै बोल्ले
बेटा तू याद करण की टैंशन कोनी लेवै यू मास्टर ताऊ सै मेरा छोरा मैं इसनै कह दयूंगा जू तेरी पिटाई कोनी करेगा
अगर करन लगै तो तू मेरा नाम ले दियो अर सपना सुणा दियो
ईबकै ताऊ बी तैयार था
हवा मैं डंडा लहरा कै बोल्या रै ऊत पिताजी तो रात मेरे सपने म्हं बी आये थे अर मेरे तै कहरे थे अक यू छोरा घणा ऊत सै झूठ बहोत बोलै इसकी बात कतई ना मानिये
हाथ आग्गै कर
छोरा हाथ आग्गै करकै बोल्या
मास्टर जी डंडे तो चाहे बीस मार ल्यो
पर आपके पिताजी हैं बड़े कमीण
मेरे सुपने म्हं कुछ कहगे अर थारे म्हं कुछ कहगे

नोट:-- वैसे तो सारी दुनिया जाणैं सै पर फेर बी बताणा मेरा फरज़ सै दरअसल हरियाणा मैं छोटे भाई का ब्याह होते ही कुंगर सारे गाम का ताऊ होजै सै जिसकै छोटा भाई ना हो तो उसकी मूंछ दाड्डी या सर म्हं एक बी धौला बाल चमक जै तो ताऊ होजै सै इसलिये ताऊ चोपाली किस्सों का लोकप्रिय हास्य पात्र है किसी व्यक्ति विशेश्ष के लिये इशारा नहीं आप सब पाठक बस बात का मजा ले हंसे खिलखिलायें ठहाके लगायें ये किस्से पूरे महोल्ले गाम गली ग्वांड कालोनी को सुनाये और जिसकी समझ में ना आये उसे अपणा ताऊ बणायें........... kyon TAU...?
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