एक बर की बात...
ताऊ नै एक घणा जरूरी काम तै मुम्बई जाणा पड़ग्या
ताऊ नै सैच्ची अक् हवाई जहाज मैं चाल्लू ये सोच कै हवाई अड्डे पै पहोंच टिकट ले कै हवाई जहाज पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस जहाज पै ना चढैं यू रास्तै महं क्रैश होण आला सै...
ताऊ सुणते ही वापस हो लिया पर मुंबई जाणा बी जरूरी
ताऊ नै सोच्या चाल फेर रेल मैं चाल्लैं
ये सोच कै रेल के अड्डे पै पहोंच टिकट ले कै रेल पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस रेल पै ना चढैं यू रास्तै महं पटड़ली तै उतरेगी
ताऊ सुणते ही वापस हो लिया पर मुंबई जाणा बी जरूरी
ताऊ नै सोच्या चाल फेर बस मैं चाल्लैं
ये सोच कै बस अड्डे पै पहोंच टिकट ले कै बस पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस बस पै ना चढैं यू रास्तै मैं नदी म्हं गिरेगी
ताऊ सुणते ही वापस हो लिया पर मुंबई जाणा बी जरूरी
ताऊ नै सोच्या चाल फेर रिक्शा मैं चाल्लैं
रिक्शा वाले तै बात करी
रिक्शा वाला बी हरियाणे का था त्यार होग्या जाण नै
ताऊ भाड़ा तै करकै रिक्सा पै चढ़न ही वाला था कि अचानक एक बड़े जोर तै उसनै अवाज आई रै ताऊ रुक जा इस रिक्सा पै ना चढैं यू रास्तै महं टूटण आला सै
ताऊ सुणते ही रिक्सा तै उतर लिया
अर उस अवाज की तरफ हाथ जोड़ कै बोल्या, हे भाई तू कोण सै...? अपना परिचय दे अर न्यू बता अक् तू मनैं बार-बार मुंबई जाण तै क्यू हटावै सै...?
अवाज आई......... रै ताऊ... मैं एक आत्मा हूं.... अर तेरी शुभचिंतक........... मुबई जाण मैं तनै खतरा सै इस लिये मैं तनै बार बार चेतावनी द्यूं सूं ताकि तू बच जै.........
ताऊ बोल्या, हे आत्मा.... सारी बात ठीक सै तेरी.... पर तू मेरी शुभ चिंतक कोनी...!
आत्मा अचरज तै बोल्ली, ताऊ के कह रह्या सै...?
ताऊ बोल्या, री आत्मा, मैं बिल्कुल ठीक कह रहया सूं, क्योंकि यदि तू वास्तव मैं मेरी शुभचिंतक सै... तो न्यू बता जिस दिन मैं घोड़ी पै चढ़ रहा था उस दिन तू कहां थी....?
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14 वर्ष पहले
