बालक नांगे घूम रह्ये
बाप नसे म्हं झूम रह्ये
घरवाली तो भाज गयी
लोग भैंस नै चूम रह्ये
ताऊ घुसग्या बोत्तल म्हं
देख भट्योड़े घूम रह्ये
नई नसल सै ऊत घणी
पर दाद्दे मजलूम रह्ये
बखत बदलग्या कुरड़ी का
पैहर कबाड़ी टूम रह्ये
इब्तो अफसर बणगे रै
कल तक सुसरे डूम रह्ये
--योगेन्द्र मौदगिल
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14 वर्ष पहले
