behavior="scroll" height="30">हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि सम्मेलन संयोजक एवं हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि योगेन्द्र मौदगिल का हरियाणवी धमाल, हरियाणवी कविताएं, हास्य व्यंग्य को समर्पित प्रयास ( संपर्कः o9466202099 / 09896202929 )

शनिवार, 3 जनवरी 2009

महा कमीण

एक बर की बात...
म्हारे महाकंजूस ताऊ के खानदानी पंडत नै बताया अक् ताऊ, अगर तू जिंदगी मैं और भी मजे लेण चाहवै तो पांच कमीणों को भोजन करवा दे...
ईब भाई ताऊ महा कंजूस... पांच कमीणों नै भोजन क्यूक्कर करवावै...?
सोच म्हं पड़ग्या....

ताई बोल्ली, रै ताऊ, सोच मैं ना पड़ै, तेरा जनम संवर जे गा, पांच कमीणों नै भोजन करवा दे....
ताऊ बोल्या पर पांच कमीण मिलेंगें कहां...?

ताई बोल्ली, घबरावै मत, गाम के बाहर पुलिस चौक्की सै, पांच पुलिसिये जिमा दे, बस होग्या काम....
ताऊ नै बी बात जंच गी अर उसनै पांच पुलिस आले जिमा दिये.....

सारे गाम म्हं रुक्का पड़ग्या..

अर अगले ई दिन बिजली वाले ताऊ के घरां पहोंचगे...
अर बोल्ले, रै ताऊ, तनै यै के करया, म्हारे महकमे की नाक कटवा दी... पांच पुलिसिये जिमा दिये.... तू तो मान्या होया कंजूस सै... नयू बता तनै यें क्यूं जिमाये.....?

ताऊ बिचारा सीधा सादा. साफ-साफ बता दी. अक भाई पंडत नै कहया था, अक पांच कमीण जिमाणें सैं, तो मन्नै पांच पुलिसिये जिमा दिये....

या सुणते ई बिजली आले नै ताऊ कै दो धरे.... अर बोलया.... रै ताऊ, तनै सरम कोनी आई...?

तनै पांच पुलिस आले जिमाये.... बस एक बिजली आले नै जिमा देत्ता....

तनै बेरा कोनी... एक बिजली आला पांच पुलिसियां के बरोब्बर सै.....

13 टिप्‍पणियां:

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  2. मोदगिल जी, वाह्! बहुत मजेदार किस्सा सुनाया.
    इबी थोडी देर पहल्यां ही थारी पाछली पोस्ट पढ के हटया था. उसमैं बी बिजली का रोणा अर अडै तो बिजली आले मुलाजम ही महाकमीण बता दिए.बिजली की लगै घणी परेशाणी हो रक्खी सै.
    देख लियो मौदगिल जी, जे किमै किसी हरियाणा बिजली बोर्ड के मलाजिम नै या पोस्ट पढ ली तैं कदी तडकै तक घरां बिजली का मीटर ही पाटया पावै.

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  3. भाई मौदगिल जी मन्नै तो थमनै कही थी कि पुलिसिये जिमा दे सो घाटा करवा दिया. पहले बताणा चाहिये था तो एक बिजली आले से ही काम हो जाता तो चार का खर्चा बचता. इब बिजली ना आरी सै तो थम दो बिजली आले जिमा दो जी, राम चाहे तो काम हो ज्येगा. :)

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  4. मॊदगिल भाई लगता है आप को या तो बिजली नही चाहिये, या फ़िर बिजली वालो से बहुत दुखी हो,अगर किसी बिजली वाले ने इसे पढ लिया तो हमेशा के लिये आप की बिजली खत्म, क्योकि बस अगर पुलिस वालो से कोई नही डरता तो वो है बिजली वाले... यानि बिजली वाले इन कमीनो के भी बाप है.
    अब आप ताऊ को बता रहे है,बहुत मजा आ गया.
    धन्यवाद

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  5. मोगदिल भाई यह जो आप का स्क्रोल ऊपर ओर नीचे चलता है, इस का रंग सफ़ेद है आप चाहो तो इस का रगं आप के बांल्ग जेसा ही हो जायेगा, बस इस की सेटींग मै जा कर इस का रंग अपने बांलग वाला कर दो आप के बांलग का रंग ( FFCC66) यह है, यह एक बिन मांगे राये है माने या ना माने,

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  6. अरे मौदगिल साहब ये क्‍या किया आपने क्‍या आपको नहीं पता कि अब बिजली वाले कनेक्‍शन काटने के लिए पुलिस वालों को भी साथ लाते हैं और आपने दोनों को ही घसीट दिया खैर कोई बात नहीं मेरा नाम ले लेना बच जाओगे

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  7. वाह मोदगिल साहब वाह बडे दिनों बाद खुलकर हंसे। भाषा और व्‍यंग्‍य दोनों मजेदार थे ।

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  8. यूंही कोई मिल गया था वाली ,मुंबई जाने वाली और पाँच को भोजन कराने वाली .आज तीनों रचनाएं एक साथ पढी /घणा आणंद आया

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  9. मौदगिल साहब कमाल का किस्सा बताया आपने !!!!!!!!

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  10. lol maja aa gaya bhai

    bandhai ho khoobsurat vyang

    aap jaisa rachnakaar ne meri rachna ko saraha yakinan ye mere liye fakr ki baat hai
    shukria dil se

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  11. आपको परिवार सहित होली पर्व की हार्दिक बधाई और घणी रामराम.

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