behavior="scroll" height="30">हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि सम्मेलन संयोजक एवं हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि योगेन्द्र मौदगिल का हरियाणवी धमाल, हरियाणवी कविताएं, हास्य व्यंग्य को समर्पित प्रयास ( संपर्कः o9466202099 / 09896202929 )

शनिवार, 11 अक्तूबर 2008

किस्सा ऊत का

एक बै की बात भाई
ताऊ उन दिनों गाम के स्कूल में बालकां नै पढ़ाये करै था
एक छोरा घणाइ ऊत था
ताऊ नै बहोत कोशिश करी के उसका धयान किमे पढ़ाई म्हं लागजै
पर छोरा ऊत घणाइ ऊत
एक दिन ताऊ नै पूरी कलास तै एक लैसन याद करण नै दिया अर उस छोरे तै हिंदी म्हं समझाया
अक् यू पाठ जरूर याद करकै आइये वरना तूत की बेंत बणा कै पीटूंगा
पर छोरा ऊत घणाइ ऊत
कतई नी याद करकै आया
ताऊ नै पूरी कलास तै लैसन सुण्या सबनै सुणाया छोरे के याद कोनी
बैंच पै छोरा खड़ा करकै ताऊ नै डंडा संभाला तो छोरा बोल्या
मास्टर जी मारण तै पहलम मेरी बात सुण्ल्यो
ताऊ बोलया सुणा के कहवै तू
छोरा बोल्या मास्टर जी बात न्यू सै अक मैं रात नै पूरा पाठ याद करकै निश्चिन्त होकै सोया था
रात नै मेरे सपने मैं आपके पिता जी आगे अर मेरे तै बोल्ले
बेटा तू याद करण की टैंशन कोनी लेवै यू मास्टर ताऊ सै मेरा छोरा मैं इसनै कह दयूंगा जू तेरी पिटाई कोनी करेगा
अगर करन लगै तो तू मेरा नाम ले दियो अ सपना सुणा दियो
ताऊ नै सोची छोरा ऊत घणी कसूती बात काढ़ ल्याया पिता जी का नाम आग्या ईब तो छोड़ना ई पड़ेगा
अर ताऊ नै छोरे तै कुछ नी कहया बिठ्या दिया
हफ्ते पीछे ताऊ नै फेर लैसन दे दिया याद करण नै उसी वारनिंग के साथ
सारी क्लास याद कर ल्यायी
पर छोरा ऊत घणाइ ऊत कोनी कर कै ल्याया
ताऊ नै बूझी अक् रै याद क्यूं नी करया
तो छोरा बोल्या के करूं मास्टर जी रात नै मेरे सपने मैं आपके पिता जी फेर आगे अर मेरे तै बोल्ले
बेटा तू याद करण की टैंशन कोनी लेवै यू मास्टर ताऊ सै मेरा छोरा मैं इसनै कह दयूंगा जू तेरी पिटाई कोनी करेगा
अगर करन लगै तो तू मेरा नाम ले दियो अर सपना सुणा दियो
ईबकै ताऊ बी तैयार था
हवा मैं डंडा लहरा कै बोल्या रै ऊत पिताजी तो रात मेरे सपने म्हं बी आये थे अर मेरे तै कहरे थे अक यू छोरा घणा ऊत सै झूठ बहोत बोलै इसकी बात कतई ना मानिये
हाथ आग्गै कर
छोरा हाथ आग्गै करकै बोल्या
मास्टर जी डंडे तो चाहे बीस मार ल्यो
पर आपके पिताजी हैं बड़े कमीण
मेरे सुपने म्हं कुछ कहगे अर थारे म्हं कुछ कहगे

नोट:-- वैसे तो सारी दुनिया जाणैं सै पर फेर बी बताणा मेरा फरज़ सै दरअसल हरियाणा मैं छोटे भाई का ब्याह होते ही कुंगर सारे गाम का ताऊ होजै सै जिसकै छोटा भाई ना हो तो उसकी मूंछ दाड्डी या सर म्हं एक बी धौला बाल चमक जै तो ताऊ होजै सै इसलिये ताऊ चोपाली किस्सों का लोकप्रिय हास्य पात्र है किसी व्यक्ति विशेश्ष के लिये इशारा नहीं आप सब पाठक बस बात का मजा ले हंसे खिलखिलायें ठहाके लगायें ये किस्से पूरे महोल्ले गाम गली ग्वांड कालोनी को सुनाये और जिसकी समझ में ना आये उसे अपणा ताऊ बणायें........... kyon TAU...?

2 टिप्‍पणियां:

  1. छोरा हाथ आग्गै करकै बोल्या
    मास्टर जी डंडे तो चाहे बीस मार ल्यो
    पर आपके पिताजी हैं बड़े कमीण
    मेरे सुपने म्हं कुछ कहगे अर थारे म्हं कुछ कहगे

    भाई आज त थमनै घणे ही जोरदार सोट्टे से मार दिए ! मजा आग्या ! इब एक यो भूतनाथ म्हारै गेल्यां लाग रया सै ! और यो सै पक्का उत का उत ! :) तिवारी जी भी छोडगे इसनै ! :)

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  2. योगेन्दर जी बहुत ही सुन्दर किस्सा लिखा है आप ने , पढ कर पेट मे दर्द होने लगा.
    धन्यवाद

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