behavior="scroll" height="30">हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि सम्मेलन संयोजक एवं हिन्दी-हरियाणवी हास्व्यंग्य कवि योगेन्द्र मौदगिल का हरियाणवी धमाल, हरियाणवी कविताएं, हास्य व्यंग्य को समर्पित प्रयास ( संपर्कः o9466202099 / 09896202929 )

मंगलवार, 27 जनवरी 2009

काम करया कर.....

छोट्टा-मोट्टा काम करया कर.
खुद नै मत बदनाम करया कर.

मन्दर की आमदण नै देख,
तों बी राम्मेराम करया कर.

लोडस्पीकर लेकै प्यारे,
नेता नै परणाम करया कर.

मिलै मुफत तो गेर गोझ म्हं,
गुड़ का काम तमाम करया कर.

खास-खास तो खास-खास सैं,
इन खास्सों नै आम करया कर.
--योगेन्द्र मौदगिल

4 टिप्‍पणियां:

  1. घणी सुथरी सलाह, इस पर अमल किया जाना चाहिये.:)

    रामराम.

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  2. छोट्टा-मोट्टा काम करया कर.
    खुद नै मत बदनाम करया कर.

    अजी हमारे लोगो की इज्जत खराव होती है छोट्टा-मोट्टा काम कर के,
    बहुत सही लिखी आप ने.
    फ़ोटू बडी धासू लगाई आप ने मने तो सोचा कोई फ़िल्मी हीरो है, ध्यान से देखा तो यह अपना भाई ही निकला.
    धन्यवाद

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  3. अगर हम किसी भी काम को छोटा या बड़ा ना समझ कर उसे सिर्फ काम समझ कर करें तो फिर वो दिन दूर नहीं होगा जब दुनिया हमारी मुट्ठी में होगी।
    सन्देश देती कविता बढिया लगी

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